Description

Original price was: ₹350.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
मरुआ को बनतुलसी, नागबेल, नादबोई, मांड आदि कहा जाता है। ये बबरी जाति का पौधा है। मीठे मार्जोरम और नॉटेड मार्जोरम आदि नामों से भी इसे जाना जाता है।
आमतौर पर इसका प्रयोग जड़ी बुटी के रुप में किया जाता है। इसकी गंध भी मनमोहक होती है। औषधियों में इसका प्रयोग होता है।
मरुआ के पत्ते चबाने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं। आप दिन में मरुआ की पत्तियां चबा सकते हैं, इनको चबाने का कोई साईड इफैक्ट नहीं है। ये पत्तियां पेट का संक्रमण दूर करने के लिए भी उपयोगी मानी जाती हैं।
मरुआ को खांसी जुकाम में राहत पहुंचाने वाला भी बताया गया है। अगर आपको बदलते मौसम में वायरल ने जकड़ लिया है, तो आप इसके पत्तियों का इस्तेमाल चाय बनाने के लिए करें। इसकी पत्तियों का काढ़ा बनाकर भी आप पी सकते हैं। खांसी, जुकाम में ये पत्तियां आराम पहुंचाती हैं।
मरुआ की पत्तियां पेट से संबंधित बीमारियों के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। आप इसकी चटनी बनाकर खा सकते हैं। ये बेहद लाजवाब लगती है। अपच, गैस, कब्ज जैसी समस्या से छुटकारा दिलाती है। इसमें फाइबर की मात्रा होती है, इसलिए आपको मलत्यागने में परेशानी नहीं होती।
मरुआ की पत्तियों में सौंधी सुंगध आती हैं। अगर आप मुंह की बदबू से परेशान हैं, तो नियमित रुप से इसकी पत्तियां चबाएं। ऐसा करने पर आपकी मुंह की दुर्गंध दूर होगी। मसूड़ों की सूजन को भी ये कम करने में लाभकारी है।
मरुआ सेहत के लिए फायदेमंद है इस बात में कोई मनाही नहीं है। इसकी पत्तियों का लेप करना सिरदर्द में भी आराम पहुंचाता है। अगर आपका सिरदर्द कर रहा है, तो आप मरुए की पत्तियों को पीसकर सिर पर इसका लेप करें, कुछ ही देर में जादुई फायदा आपको देखने को मिलेगा।
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